दोहा छंद

दोहा छंद 
यह अर्द्ध सम मात्रिक छंद है
इसके चार चरण होते हैं । विषम चरणों में 13-13 तथा सम चरणों में 11-11 मात्राएँ होती हैं। अंत में गुरु लघु आते हैं
उदाहरण:-      
         1.    बड़ा भया तो क्या भया ,जैसे पेड़ खजूर
                पंथी को छाया नहीं , फल लागे अति दूर
      
        2.   छाया माया एक सी ,बिरला जाने कोय 
              भगता के पीछे फिरे , सन्मुख भागे सोय

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