दृष्टान्त अलंकार

 परिभाषा :- 
जब दो कथनों में बिम्ब - प्रतिबिंब का भाव हो अर्थात् पहले एक बात कहकर फिर उससे मिलती - जुलती  कोई दूसरी बात कही जाए 
अथवा उपमेय वाक्य की उपमान वाक्य से बिम्बात्मक समानता बताई जाए, वहाँ दृष्टान्त अलंकार होता है-
उदाहरण -
1.पापी मनुज भी आज मुख से, राम नाम निकालते,
   देखो भयंकर भेड़िये भी आज आँसू डालते ।

2.धन वाले घर में ही जाती,कभी न जाती निर्धन घर में।
   जलनिधि में गंगा गिरती है, कभी न गिरती सूखे सर में

3. कन कन जोरे मन जुरै, खावत निबरै सोय।
    बूंद बूंद ते घट भरै , टपकत रीतो होय ।।

4. करत करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
   रसरी आवत जात ते, सिल पर परत निसान।।

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