* काल का अर्थ है समय ।
क्रिया के जिस रूप से उसके होने का समय मालूम हो , उसे काल कहते हैं । काल के इस रूप से क्रिया की पूर्णता, अपूर्णता के साथ ही संपन्न होने के समय का बोध होता है।
* काल के तीन भेद हैं
1. भूतकाल
2. वर्तमान काल
3. भविष्य काल
(1) भूतकाल :- भूतकाल का अर्थ बीता हुआ समय। वाक्य में जिस क्रिया रूप से बीते समय का होना पाया जाता है वह भूतकाल कहलाता है।
यह क्रिया व्यापार की समाप्ति बताने वाला रूप होता है।
● भूतकाल के भेद
1. सामान्य भूतकाल -
उदाहरण- प्रशांत ने गाना गाया।
बच्चे सो चुके थे।
2. संदिग्ध भूतकाल-
उदाहरण- राधा ने खाना बना लिया होगा।
- चाय पंकज ने ही बनाई होगी
3. हेतुहेतुमद भूतकाल-
उदाहरण- आपने पढा़ई की होती तो उत्तीर्ण हो जाते।
4. आसन्न भूतकाल-
उदाहरण- गाँव में साधु आए हैं।
- राकेश ने गाना गाया है।
5. पूर्ण भूतकाल-
उदाहरण- भारत 1947 में स्वतंत्र हो गया था।
6. अपूर्ण भूतकाल-
उदाहरण- सुमन खाना बना रही थी।
- संगीता पुस्तक पढ़ती थी।
(2) वर्तमान काल :-
क्रिया का वह रूप जिससे कार्य का वर्तमान समय में होना पाया जाए उसे वर्तमान काल कहते हैं ।
यह काल कार्य निरंतर हो रहा है की जानकारी देता है
● वर्तमान काल के भेद-
1. सामान्य वर्तमान काल -
उदाहरण- प्रशांत खेल रहा है।
- राधा गीत गा रही है।
2. संभाव्य वर्तमान काल -
उदाहरण- गोलू परीक्षा देता होगा
3. आज्ञार्थ वर्तमान काल -
उदा. - अब मैं चलूँ ?
- तुम अब भोजन कर लो।
(3) भविष्य काल
- करीना के जिस रुप से यह ज्ञात होता है कि कार्य आने वाले समय में संपन्न होगा, उसे भविष्य काल कहते हैं
● भविष्य काल के भेद
1. सामान्य भविष्य काल -
उदा. - पूनम कविता लिखेगी ।
- अंकित पुस्तक पढे़गा।
- लड़कियां खेलेंगी
- महिलाएं गीत गाएंँगी।
2. संभाव्य भविष्य काल -
उदा. - वे शायद अलवर जाएँ।
- शायद आज बर्षा आए।
3. आज्ञार्थ भविष्य काल -
उदा. - तुम्हें आज बाजार जाना होगा
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