1.उपमेय:-
जो उपमा देने योग्य हो अर्थात् जिसको उपमा दी जाती है। जिसको किसी के
समान कहा जाता है।
2.उपमा--
जिसकी उपमा दी जाती है। अर्थात् उपमेय को जिसके समान बताया जाता
3. साधारण धर्म --
उपमेय और उपमान दोनों में समान रहने वाले गुण, क्रिया आदि धर्म को समान
धर्म अथवा साधारण धर्म कहते हैं।
4. वाचक शब्द --
वह शब्द जिसके द्वारा उपमेय और उपमान में समानता बताई जाए।
जाको वर्णन कीजिये सो उपमेय प्रमान।
जाकी समता दीजिये ताहि कहत उपमान ।।
उपमेय उपमान में समता जेहि हित होय।
सो साधारण धर्म है कहत सयाने लोय।।
सो, से सी, इव, तुल, लौं, सम, अरु, सहरी समान।
ज्यों, जैसे, इमि, सरिस, जिमि, उपमा वाचक जान।।
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