मालिनी छंद

लक्षण :- ( न न म य य )
  1. इसके प्रत्येक चरण में 15 वर्ण होते हैं।
  2. 8-7 वर्णो पर यति होती है।
  3.  इसमें गण क्रमशः नगण,नगण,मगण,यगण,यगण आते हैं।

उदाहरण:-
   प्रिय पति वह मेरा प्राण प्यारा कहाँ है?
   दुःख जलनिधि में डूबी, का सहारा कहाँ हैं
   लख मुख जिसका मैं आज लौं जी सकी हूँ
   वह हृदय हमारा नैन तारा कहाँ है?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें