व्यतिरेक का अर्थ -- उत्कर्ष या आधिक्य
जब उपमेय में उपमान की अपेक्षा कोई भली या बुरी बात अधिक बताई जाए अर्थात् उपमेय को किसी बात में बढा़कर बताया जाए वहाँ पर व्यतिरेक अलंकार होता है
जहाँ गुणाधिक्य के कारण उपमान की तुलना में उपमेय का उत्कर्ष वर्णित होता है, वहाँ व्यतिरेक अलंकार होता है।
उदाहरण --
1. सिय मुख सरद कमल , जिमि किमि कहि जाय।
निसि मलिन वह, निसि दिन यह विगसाय
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