जहाँ पर कारण के अभाव में ही कार्य सम्पन्न हो जाने का वर्णन किया गया हो वहाँ विभावना अलंकार होता है।
उदाहरण--
1. निन्दक नियरे राखिये , आँगन कुटी छवाय।
बिन पानी साबुन बिना , निर्मल करै सुभाय
2. बिनु पद चलै सुने बिनु काना
कर बिनु करम करै विधि नाना
3. मानत लाज लगाम नहीं, नेक न गहत मरोर।
होत तोहिं लखि बाल के , दृग तुरंग मुँह जोर।।
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