वाक्य

                                      वाक्य

वक्ता द्वारा कही गई बात के अर्थ को पूर्ण रूप से स्पष्ट करने वाले शब्द समूह को वाक्य कहते हैं
     भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण होती है और वर्णों के सार्थक समूह से शब्द निर्मित होते हैं तथा शब्दों के सार्थक समूह से वाक्य अर्थात अगर शब्दों के सार्थक क्रम को बदल दिया जाए तो वक्ता का अभिप्राय स्पष्ट नहीं हो सकेगा

अर्थ के संप्रेषण की दृष्टि से भाषा की मूल इकाई वाक्य है संरचना की दृष्टि से पदों का सार्थक समूह ही वाक्य है
                         
                         वाक्य के अंग

मुक्तक वाक्य के दो अंग होते हैं
 1. उद्देश्य  
 2. विधेय

1. उद्देश्य :-
 वाक्य  में जिस के संबंध में कुछ कहा जाता है उसे उद्देश्य कहते हैं वाक्य में कर्ता और उसका विस्तार उद्देश्य के अंतर्गत आते हैं
 
 जैसे:-  राधा ने खाना बनाया
           राजू पुस्तक पढ़ रहा है

2. विधेय :- उद्देश्य अर्थात कर्ता के संबंध में  वाक्य में जो कुछ भी कहा जाता है वह विधेय होता है
 
जैसे -  राधा खाना बना रही है। 
        राजू पुस्तक पढ़ रहा है।


                    

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